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Our Traditional Festivals

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Diwali (दीवाली) Celebration in Sultanganj

भारत के गौरवशाली इतिहास का एक अहम हिस्सा इसके त्यौहारों का रहा है. भारतीय त्यौहारों की शान दीपावली का भी कुछ ऐसा ही अलग इतिहास रहा है. यूं तो भारत में दीपावली के बारे में किसी को बताने की जरूरत नहीं लेकिन फिर भी आज की युवा पीढ़ी को इसके इतिहास के बारे में जानना अवश्य चाहिए कि आखिर हम क्यूं दीपावली मनाते हैं?

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Chhath (छठ पूजा) Celebration in Sultanganj

छठ पर्व या महापर्व कार्तिक शुक्ल की षष्ठी को मनाया जाने वाला एक हिन्दू पर्व है। सूर्योपासना का यह अनुपम लोकपर्व मुख्य रूप से पूर्वी भारत के बिहार, झारखण्ड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्रों में मनाया जाता है। प्रायः हिंदुओं द्वारा मनाए जाने वाले इस पर्व को इस्लाम सहित अन्य धर्मावलंवी भी मनाते देखे गए हैं।

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Makar Sankranti Celebration in Sultanganj

मकर संक्रांति हिंदू धर्म का प्रमुख त्यौहार है। यह पर्व पूरे भारत में किसी न किसी रूप में मनाया जाता है। पौष मास में जब सूर्य मकर राशि पर आता है तब इस संक्रांति को मनाया जाता है। यह त्यौहार अधिकतर जनवरी माह की चौदह तारीख को मनाया जाता है। कभी-कभी यह त्यौहार बारह, तेरह या पंद्रह को भी हो सकता है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि सूर्य कब धनु राशि को छोड़ मकर राशि में प्रवेश करता है।

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Holi (होली) Celebration in Sultanganj

प्राचीन काल में अत्याचारी राक्षसराज हिरण्यकश्यप ने तपस्या करके ब्रह्मा से वरदान पा लिया कि संसार का कोई भी जीव-जन्तु, देवी-देवता, राक्षस या मनुष्य उसे न मार सके। न ही वह रात में मरे, न दिन में, न पृथ्वी पर, न आकाश में, न घर में, न बाहर। यहां तक कि कोई शस्त्र भी उसे न मार पाए। ऐसा वरदान पाकर वह अत्यंत निरंकुश बन बैठा। हिरण्यकश्यप के यहां प्रहलाद जैसा..

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Mahashivratri (महाशिवरात्रि) in Sultanganj

महाशिवरात्रि हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। यह भगवान शिव का प्रमुख पर्व है। फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को शिवरात्रि पर्व मनाया जाता है। माना जाता है कि सृष्टि के प्रारंभ में इसी दिन मध्यरात्रि भगवान शंकर का ब्रह्मा से रुद्र के रूप में अवतरण हुआ था। प्रलय की वेला में इसी दिन प्रदोष के समय भगवान शिव तांडव करते हुए ब्रह्मांड को तीसरे नेत्र की ज्वाला से समाप्त कर देते हैं। इसीलिए इसे महाशिवरात्रि अथवा कालरात्रि कहा गया।

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World Famous Shravani Mela Sultanganj

सुल्तानगंज से देवघर की कांवर-यात्रा मात्र एक धार्मिक यात्रा ही नहीं वरन शिव और प्रकृति के साहचर्य की यात्रा है। कांवर-मार्ग में हरे-भरे खेत, पर्वत, पहाड़, घने जंगल, नदी, झरना, विस्तृत मैदान-सभी कुछ पड़ते हैं। रास्ते में जब बारिश की बौछारें चलती हैं तो बोल बम का निनाद करते हुए कांवरिया भक्तगण मानों भगवान शंकर के साथ एकाकार हो उठते हैं। देवघर में जल अर्पण करके लौटते समय न सिर्फ धार्मिक और आध्यात्मिक..

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Raksha Bandhan Celebration in Sultanganj

सभी जानते हैं भारत में अगर हिंदू धर्म की कोई सबसे बड़ी पहचान है तो वह हैं इसके त्यौहार. और सिर्फ हिंदू ही क्यूं भारत में तो हर जाति और धर्म के त्यौहारों का अनूठा संगम देखने को मिलता है। हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्यौहार है राखी या रक्षाबंधन रक्षाबंधन भाई और बहन के रिश्ते की पहचान माना जाता है। राखी का धागा बांध बहन अपने भाई से अपनी रक्षा का प्रण लेती है।

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Independence Day (स्वतंत्रता दिवस)

For India, 15 August is a day of her re-birth, a new start. At the midnight of 15 August 1947, the British rulers handed the country back to its Indian leaders, ending a remarkable struggle that lasted years. It was 15 August 1947, the historic date, on which sovereign India's first Prime Minister Pandit..

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Hartalika Teej (तीज) Celebration

भारत को त्यौहारों का देश भी कहा जाता है. हर मौसम अपने साथ कई त्यौहार साथ लेकर आता है. सावन का महीना भी कई त्यौहार लेकर आता है जिसमें से खास है - हरियाली तीज. हरियाली तीज जैसा कि नाम से ही जाहिर है मौसम में हरियाली की शुरुआत करने वाला त्यौहार. श्रावण माह के शुक्ल पक्ष में तृतीया तिथि को विवाहित महिलाएं हरियाली तीज के रुप में मनाती हैं. यह समय है जब प्रकृति भी अपने पूरे शबाब में होती है।

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Eid (عيد الفطر‎) Celebration

इस्लाम धर्म की धार्मिक पुस्तक हदीस में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि ईद-उल-जुहा और ईद-उल-फित्र के दिन मुसलमानों को अवश्य नमाज पढ़नी चाहिए। हदीस के अनुसार ईद मुसलमानों के लिए बेहद खुशी का दिन होता है। ईद के दिन अल्लाह अपने बंदों पर अवश्य मेहरबानी करते हैं। ईद द्वारा अल्लाह ने लोगों में मानवता के भाव को जगाए रखने की भी व्यवस्था की है।

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Jivitputrika (जीवित्पुत्रिका व्रत) Celebration

हमारे देश में भक्ति एवम उपासना का एक रूप उपवास हैं जो मनुष्य में सैयम, त्याग, प्रेम एवम श्रध्दा की भावना को बढ़ाते हैं | उन्ही में से एक हैं जीवित्पुत्रिका व्रत | यह व्रत संतान की मंगल कामन के लिए किया जाता हैं | यह व्रत मातायें रखती हैं | जीवित्पुत्रिका व्रत निर्जला किया जाता हैं जिसमे पूरा दिन एवम रात पानी नही लिया जाता | इसे तीन दिन तक मनाया जाता हैं | संतान की सुरक्षा के लिए इस व्रत को सबसे अधिक महत्व दिया जाता हैं |

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Durga Puja ( दुर्गा पूजा/नवरात्रि) Celebration

हिंदू धर्म में मान्यता रखने वालों के अनुसार मां भगवती संपूर्ण संसार की शक्ति की स्त्रोत हैं. इन्हीं की शक्ति से इस धरती पर सभी कार्य संपन्न होते हैं! मां भगवती को प्रसन्न करने के लिए वर्ष में दो बार नवरात्र यानि नौ दिनों का ऐसा त्यौहार आता है जब व्रत रख मां को प्रसन्न किया जा सकता है! नवरात्र पर्व वर्ष में दो बार आता है एक चैत्र माह में, दूसरा आश्विन माह में. अश्विन मास की नवरात्रि के दौरान भगवान राम की पूजा और रामलीला अहम होती है!

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